कभी झूठ बोलना भी सीख लिया करो ,ऐ दोस्त,
हर काम सच्चाई से नहीं होता अब मेरे वतन में,
काले काम वालों ने घेर रखी है संसद में कुर्सियाँ,
टेंडर बिन कमाई के नहीं होता अब मेरे वतन में,
ना जाने और कितने और धोखें करेगा वो पडोसी,
अब फैसला सीधाई से नहीं होता है मेरे वतन में,
ऐ चीन घेर ले जितनी भी जमीन,तू यहाँ चाहेगा,
फौजी जोर कड़ाई से नहीं होता अब मेरे वतन में,
==मन वकील ....
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