Saturday, 6 August 2011

वहां बिदेसों में मनाते है सिर्फ एक दिन साल में अपनी दोस्ती के नाम,
बहुत मसरूफियत है वहां, सिर्फ दोस्तों के लिए बचती है एक ही शाम,
यहाँ मेरे देश में, हर दिन और  हर रात होती है सिर्फ यारों के ही नाम, 
यहाँ हर दिन हैं फ्रेंडशिप डे, मिल बैठ कर पीते है रोज़ दोस्ती के जाम .........

========दोस्ती जिंदाबाद.........

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