कभी सहज सी होती वो हवा बन,
कभी तेज़ आंधी विचलित हो मन,
प्रेयसी भी है वो भार्या भी,संग गुरु,
शब्दों की मशीनगन जब वो हो शुरू,
सीधी है व्यव्हार में, कहती सदा स्पष्ट,
अच्छी लगे उसकी बात कभी देती कष्ट,
मनमोहिनी भी है वो है संग गजगामिनी,
मेरे जीवन की सौंदर्या भी वो है कामिनी,
वो मेरे बच्चों की माँ,मेरे जीवन का आधार,
जन्म दिवस पर तुम्हे समर्पित प्रिये ,मेरा प्यार ....
===मन वकील
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