करत करत नक़ल, अब बालक पाए ज्ञान,
मास्टर जी ट्यूशन पढाये, दूर करें अज्ञान,
दूर करें अज्ञान, चलने लगी नयी परिपाटी,
पैसे से शिक्षा मिले,बिन पैसे वो कूटे माटी,
वो कूटे माटी,धनिक बढ़ते उन्नति की राह,
विदेशों में भ्रमण करते,गहरी जिनकी थाह,
गहरी जिनकी थाह,अनपढ़ खोले यूनिवर्सिटी,
नीले पीले गाँधी जी से,हर डिग्री रहे बरसती,
डिग्री रहे बरसती, सरकारें अब लूटे वाहवाही,
शिक्षा को बेच बेच,निकम्मे खाए जाते मलाई,
कहे मन-वकील,बालकों,लो अब तुम ये ठान,
मनमर्जी की शिक्षा लूटों, बेच रहे सब संस्थान.....
===मन वकील
मास्टर जी ट्यूशन पढाये, दूर करें अज्ञान,
दूर करें अज्ञान, चलने लगी नयी परिपाटी,
पैसे से शिक्षा मिले,बिन पैसे वो कूटे माटी,
वो कूटे माटी,धनिक बढ़ते उन्नति की राह,
विदेशों में भ्रमण करते,गहरी जिनकी थाह,
गहरी जिनकी थाह,अनपढ़ खोले यूनिवर्सिटी,
नीले पीले गाँधी जी से,हर डिग्री रहे बरसती,
डिग्री रहे बरसती, सरकारें अब लूटे वाहवाही,
शिक्षा को बेच बेच,निकम्मे खाए जाते मलाई,
कहे मन-वकील,बालकों,लो अब तुम ये ठान,
मनमर्जी की शिक्षा लूटों, बेच रहे सब संस्थान.....
===मन वकील
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